ज़माने को छोड़ो चलो उनसे मुलाक़ात करते हैं, खत लिखना छोड़ो आमने सामने बात करते हैं, तुम्हारे दीदार से मेरा फ़साना पूरा होगा, मिल कर नई नज्मों गजलों की शुरुआत करते हैं । 66.3K views15:16